UP DELED Pratyavedan Exam: प्रयागराज/लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने डीएलएड अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देने से जुड़े आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी अवैध आदेश के आधार पर अन्य अभ्यर्थियों को समान लाभ नहीं दिया जा सकता।
क्या है पूरा मामला?
- कुछ डीएलएड अभ्यर्थियों को पहले अतिरिक्त अवसर देने का आदेश जारी हुआ था।
- अन्य अभ्यर्थियों ने भी समान लाभ की मांग की।
- मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि:
- संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का गलत तरीके से उपयोग नहीं किया जा सकता।
- यदि किसी को गलत तरीके से लाभ मिला है, तो अन्य लोग उसी आधार पर दावा नहीं कर सकते।
UP DELED Pratyavedan Exam: कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियाँ
- गलत या नियमों के विरुद्ध दिए गए लाभ को आधार बनाकर समान लाभ नहीं दिया जा सकता।
- राज्य सरकार नियमों में संशोधन किए बिना अतिरिक्त अवसर नहीं दे सकती।
- पूर्व में दिए गए आदेश को खंडपीठ ने निरस्त कर दिया।
डीएलएड अभ्यर्थियों पर प्रभाव
👉 अब अतिरिक्त अवसर की मांग करने वाले अभ्यर्थियों को राहत नहीं मिलेगी।
👉 भविष्य में अवसर केवल नियमानुसार ही दिए जाएंगे।
👉 राज्य सरकार को नियमों में बदलाव के बिना विशेष छूट देने का अधिकार नहीं।
अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?
- आधिकारिक नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें।
- अफवाहों और पुराने आदेशों के आधार पर तैयारी रणनीति न बदलें।
- नियमित भर्ती प्रक्रिया और नियमों के अनुसार तैयारी जारी रखें।
हाईकोर्ट का यह फैसला डीएलएड भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को मजबूत करता है। अभ्यर्थियों को अब केवल वैध और आधिकारिक अवसरों पर ही ध्यान देना होगा।



